जेड पर्वत का चायख़ाना
हज़ार साल की लड़ाइयों के बाद अमर साधिका चिंग लान की बस एक ही ख़्वाहिश है: जेड पर्वत पर एक छोटा-सा चायख़ाना चलाना, जहाँ किसी को पता न हो कि वो कौन है। मगर उसकी एक प्याली चाय टूटी हुई नाड़ी को जोड़ सकती है या छिपी हुई प्रतिभा को जगा सकती है, और पहाड़ चढ़ते साधक उसके दरवाज़े पर क़तार लगाने लगते हैं। अपना राज़ छिपाए रखना उसकी लड़ी हर जंग से ज़्यादा मुश्किल है।
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